कुडमी समुदाय मे भी हिन्दुत्व का थोडा बहुत प्रभाव पडा है

झारखंड के लगभग सभी जनजातीय समुदाय धार्मिक संक्रमन से प्रभावित रहे है ।कुछ समुह ईसाईयत से प्रभावित हुए है और हो रहे है तो कुछ समुह हिन्दुत्व से ।कुडमी जनजाती भी इसका अपवाद नही है ।कुडमी समुदाय मे भी हिन्दुत्व का थोडा बहुत प्रभाव पडा है ,पर ये प्रभाव कुछ क्षेत्र विशेष मे ही पडा है ।सोभाग्य की बात है कि कुडमी समुदाय आज भी अपनी धार्मिक संसकृतीक और भाषाई पहचान को बचाकर रखने मे सफल रहा है ।हा जो थोडा बहुत हिन्दु दर्शनया    ब्रह्मनवाद का प्रभाव इस समुदाय पर पडा है  उसे कुडमीयो ने समय रहते ईसके दुसप्रभाव से अपने समुदाय को बचाने का आन्दोलन चला रखा है ।कुडमी समाज से ब्राह्मनवाद या हिन्दुवाद यथा मुर्तीपुजा आदी को उखाड फेक कर अपने मुल सारना धर्म की और लोटने का जो जोरदार आन्दोलन चल रहा है ,बहुत उम्मीद है कि एक दो व बर्ष के भीतर ही कुडमी  समाज अपने अंन्दर जो थोडा बहुत ब्रह्मनवाद या हिन्दुत्व का संक्रमन हुआ है उससे उखाड फेकने मे सक्षम हो जाएगा ।
साभार - Rakesh Mahato

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