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Showing posts from 2018

कोयलांचल का एक सपूत शहीद कृष्णा महतो पूरे इलाके में मास्टर जी के नाम से प्रसिद्ध

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रूपलाल महतो पिपरवार(देश प्राण संवाददाता): कोयलांचल का एक सपूत शहीद कृष्णा महतो पूरे इलाके में मास्टर जी के नाम से प्रसिद्ध बिलारी के एक साधारण किसान परिवार में जन्म ०2-०5-1961 हुआ था उनके पिता का नाम गुलाब महत्तोऔर माता का नाम इंजरी देवी की पहली संतान थे ।पूरे इलाके में अशिक्षा का माहौल था शिक्षण संस्थान आज की तरह नहीं थे बचपन से ही परिश्रमी स्नेहसील वह मिलनसार प्रवृत्ति के कृष्णा महतो को गांव वाले प्यार से गालु कहा करते थे प्रारंभिक शिक्षा गांव में पूरी करने के बाद टंडवा हाई स्कूल में अध्ययन किया ग्रामीण परिवेश में कम उम्र में शादी विवाह के तत्कालीन रिवाज से स्कूली शिक्षा के दौरान ही जानेमाने समाज सेवी व अमीन बाबू गणेश महतो के बडे भाई चुरामन महतो के बेटी नगिया देवी ( ग्राम पोकला पोस्ट कसियाडीह थाना टंडवा जिला चतरा )में दांपत्य सूत्र में बांध दिए गए ।शिक्षा के प्रति बेहद लगाव था मैट्रिक पास कर रांची कॉलेज से स्नातक बने वह रांची विश्वविद्यालय से एम कॉम बोकारो से B.Ed तथा कोलकाता यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा इन सर्वे का कोर्स पूरा किया ।कॉलेज जीवन में सामाजिक कार्यों के प्रति रुझान था उन्हें...

करम पर्व अनार्य मूल का पर्व है | कुड़मी महतो राढ़ की मिटटी की संतान हैं ...

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करम पर्व अनार्य मूल का पर्व: करम पर्व और कुड़मी समाज

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करम पर्व अनार्य मूल का पर्व: करम पर्व और कुड़मी समाज करम पर्व अनार्य मूल का पर्व है जो आदिकाल से झारखंड एवं झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा में मनाया जाता है। आर्यों के आगमन के पूर्व ही यहां धान की खेती लहलहाती थी। इस पर्व में धान के पौधों की पत्तियों को ही फूल के रुप में “दहाई करम राजा“ बोलकर चढ़ाने की प्रथा है। धान की पत्तियों को करम व्रत करने वाली लडकियां करम एकादशी (भादो शुक्ल पक्ष)के दिन खेतों से करम गीत गाते हुए संग्रह करती हैं। इसे फूल लड़हा विधान कहा जाता है। इस तरह यदि करम को कृषि आधारित पर्व कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इतिहास बताता है कि कृषि के जनक कुड़मी ही हैं। अतः इसका प्रणयन कुड़मियों ने ही किया। यहां यह बताना जरूरी है कि स्वर्णरेखा, कंसावती, दामोदर नदी के तट पर आदिकाल में कृषि आधारित सभ्यता पल्लवित थी, जो सभी सभ्यताओं से प्राचीन थी। इस सभ्यता को आनंद मार्ग के संस्थापक और स्थानीय इतिहास पर विस्तृत विवेचना करने वाले श्री श्री प्रभात रंजन सरकार ने राढ़ सभ्यता की संज्ञा दी है और कहा, सभ्यता का आदि बिन्दु राढ़ है। उन्होंने कुड़मियों ...

कुडमालि संस्कृति के आजीवन प्रचारक माननीय लखीकांत मुतरुवार

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कुडमालि भाषाविद् मुलकी कुडमालि बाइसि के अध्यक्ष , बृहत्तर आदिवासी कुडमि समाज के उपाध्यक्ष एवं कुडमालि संस्कृति के आजीवन प्रचारक माननीय लखीकांत मुतरुवार का जन्म 22 अप्र...

कुड़मि एक जनजाति

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दीपक महतो (कसमार): मैं आजतक जो समझ पाया -: "कुड़मि" एक जनजाति है ? कुड़मि का हिन्दी या संस्कृत में क्या अर्थ होगा ? कुड़मि को अन्य लोग हड़ ,ढँड़ ,चुआड़ कहते हैं। हड़,ढँड़,चुआड़ का हिन्दी या संस्कृत में क्या अर्थ होगा ?  कुड़मि छोटानागपुर पठार के आदिबसकइता हैं। कुड़मि मूल रूप से 81 गुसटि में बँटे हैं। गुसटि का अर्थ हिन्दी या संस्कृत में क्या होगा ? कुड़मि के 81 गुसटि नाम निम्न लिखित हैं। कृपया इन शब्दों का अर्थ हिन्दी या संस्कृत  में  बताएँ *काड़ु *कइर *कँड़हर *कहँड़ *कउड़ि *काइटुर *कादिम *काँचि *कानबिंधा *कँकु *केटि *केटिरि *केसिरि *कुँड़ि *खँखु *खेसु *खेड़ु *खेहड़ु *खिरु *गुलि  *गेंठि *गेरु *घँघु *चिल *चिड़ु *चुटरि *जुञ *जुमरि *जेंगटि *चाँड़रि *टिड़ु *टेटे *डँगु *डँगुरि *ड़ूमरि *तितरि *दाग *दुँदू *धान *नाग *नाँगटु *नेलु *पाँड़ुरि  *पुनअ *बनसुकर *बँस *बाँदु *बानु *बिलु *बुँदि *बेहड़ *बकु *बेड़ु *बेमु *मगु *मान *मुतरु *मुरमु *मुसु *लाठ *लुति *साँखु *सिंकु *सिखु *सिखि *सिंगु *सिंह *हँसतु *हाँसदा *गिआर *हिंदिइ *हेमरामि *उखरि *उँधि *ब...

बारह (12) मासे तेरह (13) परब

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बारह (12) मासे तेरह (13) परब , पुरे साल भर में हमारे कुड़मि जनजाति द्वारा मनाये जाने वाले कुल पर्व-त्यौहार  ! 1. आखाँइन 2.  सिझानो 3.  सरहुल 4.  गाहजन 5.  रहइन 6.  जांताड़ 7.  करम 8.  जितिया 9.  छाता 10. जिहुड़ 11. दिनीमाञ 12. बांदना 13. टुस बारह (12) मासे तेरह (13) परब

Nipen Mahato : Inclusion of Kudmi in schedule Tribe list

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https://youtu.be/5kV7bwgkOKk

मनसा : मन की आसा पूर्ण करने करने वाली

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मनसा .. मन की आसा पूर्ण करने करने वाली... कृषक समुदाय की एक महत्वपूर्ण पुजा .. कृषक समुदाय के लिए सबसे जरुरी चीज - बरसा या जल .. यही इनके मन के आसा - अच्छी खेती की कामना को पूर्ण करने वाल...

शहीद शक्तिनाथ महतो की जयंती पर उन्हे शत् शत् नमन्

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शहीद शक्तिनाथ महतो की जयंती पर उन्हे शत् शत् नमन् 02 अगस्त 1948 को झारखंड के धनबाद के तेतुलगुड़ी गांव में शहीद शक्तिनाथ महतो का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम श्रीगणेश महतो तथा मात...

क्या कुड़मी हिन्दू है?

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जो आज हिन्दू कहलाते हैं उसे खुद पता नहीं था कि वह हिन्दू है। न ऋग्वेद में न उपनिषद में, न ब्राह्मण में , न रामायण में न गीता में , न महाभारत में एक बार भी हिन्दू शब्द का उल्लेख नही...