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Showing posts from October, 2017

बांदना (सोहराय) परब :

बांदना (सोहराय) परब : विविध व विशिष्ट आदि संस्कृति से परिपूर्ण झारखंड एक वृहद् सांस्कृतिक धरोहर का प्रदेश है। झारखंडी कृषिजनमानस के लोग आदिकाल से ऐसे कई त्यौहार मनाते आ रह...

शहीद अजीत धनंजय अमर रहे।

झारखण्ड आन्दोलन के कुड्मी शहीदों की अमर गाथा... 21 अक्टूबर 1982 का वो काला दिन झारखण्ड राज्य के इतिहास में खून से लिखा जायेगा जिस दिन ईचागढ़ प्रखंड के मुख्यालय तिरुलडीह में सुखाड़ ...

इतिहासकारों की उपेक्षा का शिकार झारखण्ड की कुड्मी जनजाति ?

इतिहासकारों की उपेक्षा का शिकार झारखण्ड की कुड्मी जनजाति ?? देश के स्वतंत्रता आन्दोलन से लेकर झारखण्ड अलग राज्य आन्दोलन तक किसी भी संघर्ष में कुड्मी समुदाय का योगदान अन्...