कुड़मि एक जनजाति

दीपक महतो (कसमार): मैं आजतक जो समझ पाया -:

"कुड़मि" एक जनजाति है ?
कुड़मि का हिन्दी या संस्कृत में क्या अर्थ होगा ?

कुड़मि को अन्य लोग हड़ ,ढँड़ ,चुआड़ कहते हैं।


हड़,ढँड़,चुआड़ का हिन्दी या संस्कृत में क्या अर्थ होगा ? 
कुड़मि छोटानागपुर पठार के आदिबसकइता हैं।
कुड़मि मूल रूप से 81 गुसटि में बँटे हैं।

गुसटि का अर्थ हिन्दी या संस्कृत में क्या होगा ?

कुड़मि के 81 गुसटि नाम निम्न लिखित हैं।

कृपया इन शब्दों का अर्थ हिन्दी या संस्कृत में बताएँ
*काड़ु
*कइर
*कँड़हर
*कहँड़
*कउड़ि
*काइटुर
*कादिम
*काँचि
*कानबिंधा
*कँकु
*केटि
*केटिरि
*केसिरि
*कुँड़ि
*खँखु
*खेसु
*खेड़ु
*खेहड़ु
*खिरु
*गुलि
 *गेंठि
*गेरु *घँघु *चिल *चिड़ु *चुटरि *जुञ *जुमरि *जेंगटि *चाँड़रि *टिड़ु *टेटे *डँगु *डँगुरि *ड़ूमरि *तितरि *दाग *दुँदू *धान *नाग *नाँगटु *नेलु *पाँड़ुरि  *पुनअ *बनसुकर *बँस *बाँदु *बानु *बिलु *बुँदि *बेहड़ *बकु *बेड़ु *बेमु *मगु *मान *मुतरु *मुरमु *मुसु *लाठ *लुति *साँखु *सिंकु *सिखु *सिखि *सिंगु *सिंह *हँसतु *हाँसदा *गिआर *हिंदिइ *हेमरामि *उखरि *उँधि *बासा *लाकड़ु *काछुआ *कुनदरि *जुर *पाकुड़ !

कुड़मियों के मूल 13 राइ-रइआ हैं जो धान वृद्धि -सहायक हैं!

इनके हिंदी या संस्कृत में क्या अर्थ होगा ?

*बाघुत कुदरा
*बानसिन/दुआइरसिनि
*चेंडि गसाञ
*डिनिमाञ
*बड़अ पहाड़
*चाँदराइ
*गरइआ
*रेघहा बुड़हा
*बुड़हा बाप
*महामाञ
*जाहेर बुड़हि
*रेंघहि बुड़हि
 *राँगहा हाड़ि !

कुड़मियों के 12 मासे 13 परब हैं जो धान वृद्धि चक्रानुक्रम में मनाए जाते हैं।

इन शब्दों के अर्थ हिन्दी या संस्कृत में क्या होगा ?
*आखाइन जातरा
*सिझानअ
*सारहुल
*भगता/गाँजन/चड़क/मँडा
*रहइन
*जाँताड़ *मनसा/बारि
* करम
*जीवदिया
*जिहुड़
*सहराइ
*डिनि
*टुसू !

झाड़खंड में आबादी लगभग एक करोड़ जो 12 हजार से अधिक गाँवों में बसते हैं। 
कुड़मि के राइ- रइया मड़य में स्थापित हैं। 
कुड़मि गाँव मे कम से कम दो चौड़े बरसाती नाले होते हैं जहाँ उसके बहिआइड़ व हिड़ खेत होते हैं.


कुड़मि खेतों के नाम
*बहिआइड़
 *बाइद
*कानआड़ि
*हिड़
*गड़ा
*टाञिड़

इन शब्दों के हिंदी या संस्कृत में क्या अर्थ होगा ?
पंचकोट (पंचेत)के राजा जो बाद में काशीपुर के राजा कहलाए #कुड़मि राजा थे जिनका क्षत्रियकरण 16 वीं सदी में ही हो गया था !

इस राजपरिवार की स्थापना 52 ई० में ही हो गया था।अर्थात् इनका राज  सतत लगभग 2000 वर्षो तक रहा।
कुड़मियों की मातृ - भाषा कुड़मालि है
कुड़मि समाज "महतो - परगनैती" व्यवस्था व परंपरागत नियमों से संचालित होता है।
जनम,बिहा ,मरण के कुड़मालि नेग नेगाचार हैं।
दु:ख की बात है कि आजतक किसी भी इतिहासकार ,समाजशास्त्री, मानवशास्त्री ने इसके अंदर झाँकना मुनासिब ही नहीं समझा जबकि कुड़मालि भाषा व संस्कृति ही झाड़खण्डी संस्कृति व बसाबस की रीढ़ है।

जोहार।
दीपक महतो

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