महादेव महतो आजादी के बाद बिहार सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप मे पेन्सन की मंजुरी दी
महादेव महतो आजादी के बाद बिहार सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप मे पेन्सन की मंजुरी दी
महादेव महतो का जन्म 1905ई की फरवरी माह मे गोमिया के हजारी पंचायत के खुदगढ़ा गाँव मे हुई थी।
*महादेव महतो के पिता एक साधारण किसान थे ।पर फिर भी उन्होने अपने बेटे को पढ़ाया।
मेट्रीक के बाद बे बगोदर मे सरकारी स्कूल के शिक्षक बने।
देश उस समय पराधीन था।महादेव महतो गाँव गाँव घुम घुम कर लोगो को जागरूक करता रहते थे।
*1935 मे वो कॅग्रेस पार्टी मे शामिल हो गये।
*जब गाँधीजी झरिया पधारा थे तो गाँधीजी ने महादेव महतो को बुलावा भेजा था और उन्हे क्षेत्र मे स्वतंत्रता आन्दोलन की अगुवाई करने की जिम्मेवारी सोपी।
*1942 के भारत छोडो आन्दोलन के क्रम मे महादेव महतो गिरफ्तार कर लिए गये।साथ ही उनके दोनो पुत्र अर्जुन महतो और विजन महतो भी गिरफ्तार कर लिए गये।बाद मे उन्हे हजारीबाग जेल भेज दिया गया।
*जेल से छुटने के बाद भी वे आजादी के आन्दोलन मे लगे रहे।
*आजादी के बाद बिहार सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप मे पेन्सन की मंजुरी दी।जो उन्हो आजिवन मिलती रही।
*आजादी के 25वे सालगिरह के मोके पर सरकार द्वारा लगाऐ गये गोमियाँ प्रखंड कार्यालय के आहते मे शिलापट्ट पर आज भी उनका नाम देखी जा सकती है।
*नमन है ऐसे यौद्धा को।

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