जनजाति कुड़मियों की विवाह के प्रकार

जनजाति कुड़मियों की विवाह के प्रकार
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1. माड़ुआबिहा
2. गलट बिहा
3. सांघा बिहा
4. कइरा बिहा
5. बेंदकड़ि बिहा
6. दू-चुल्हा जरी बिहा
7. घरजंउअइआ बिहा
8. राजी खुसी बिहा
9. प्रेम बिहा
10. भेगुड़ा बिहा
11. दुकनि बिहा
12. सिंदूर घंसाबिहा
13. माथा भारी बिहा
* लक्ष्मीकांत मुतरूआर - 'जनजाति परिचिति 'से लिया गया है ।
* बेहाक नेग *
1. बरदेखा 2. केनिआ देखा 3.लगन 4.अदिबास 5.छामड़ा घुड़ा 6.माड़ुआ पुजा 7.सजनि साजा 8.अमलअ खीउअा 9.गुआ टिका 10.चइकपुरा 11.सालाधुति 12.महुआ बिहा 13.सिनदरा दान (बिहा) 14.भज 15.पतरि बदल 16.चुमान-बादान 17.घरभरा 18.बरबिदाइ 19.मुहदेखानि 20.दुआइर टेका 21.घटिलुका 22.गइड़धुअा 23.बेहाइन देखा 24.छाता धुति 25.करम साड़ि आदि ।------
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1.माड़ुआबिहा: समाज का प्रचलित बिहा है । समाजिक रीति-रिवाज के साथ सम्पन्न होता है । पूरे परिवार व समाज की सहमति से होता है ।यह बिहा कनिआ देखा से प्रारंभ होता है तथा छाता - धोती के बाद बिहा का रिवाज समाप्त होता हैं ।
2. गलट बिहा: इस प्रकार के विवाह में जिस घर में बेटो ब्याही जाती है उसी से पुतोहु लायी जाती है । इस विवाह को गलट बिहा कहते हैं ।
3. सांघाबिहा: बिधुर पुरुष के साथ विधवा औरत की सांघा होती है ।सांघा में पोन प्रथा नहीं हैं ।
4. कइरा बिहा: किसी अविवाहित पुरुष के साथ बिहैली , छोड़वी अथवा विधवा की स्थिति में अविवाहित पुरुष आम बिहा के बदले केलागाछ को विवाह करते हैं ।उसके बाद केनिआइ के घर में सांघा जैसा विवाह सम्पन्न होता है ।
5. बेंदकड़ि बिहा: इस प्रकार के विवाह गरीब परिवार के बीच होता है । केनिआइ को वर के घर लाकर सिंन्दूर देकर शादी रचा दी जाती हैं ।
6. दू-चुल्हा जरी बिहा:पसन्द की केनिआइ अगर गरीब घर की होती है, तो बर घर के तरफ से ही शादी का सारा सारभार एवं खरचादि ले जाते और शादी करते हैं ।
7. घरजंउअइआ बिहा: शादी के बाद दोनों लड़की के बाप घर में परिवारिक जीवन व्यतीत करते हैं ।
8. राजी खुसी बिहा: लड़का-लड़की वापस में शादी के लिए राजी हो जाते हैं । इसके बाद शादी की औपचारिकता पूर्ण किया जाता हैं ।
9. प्रेम बिहा: लड़के-लड़की में जब प्रेम हो जाता है लेकिन उभय पक्ष या किसी एक पक्ष के माता-पिता राजी नहीं होते हैं , तब परम्परागत पंच बिहा सम्पन्न कराता हैं ।
10. भेगेड़ु बिहा: लड़का लड़की को लेकर घर से भाग जाता हैं ।कुछेक दिन जहाँ तहाँ रहते हैं ।इसके बाद पंच की उपस्थिति में सिनदरा दान कराया जाता हैं ।
11. दुकनि बिहा: लड़का माता-पिता के अनुमति बगैर लड़की को घर ले आता है ।लड़के के परिवार खदेड़ना चहते हैं , लेकिन लड़की घर से नहीं निकलती है ।इसके बाद पंच के हस्तक्षेप से बिहा सम्पन्न होता हैं ।
12. सिंदूर घंसाबिहा: लड़का लड़की को माथे पर सिंदूर लगा देता हैं । सिंदूर लगाने से पहले लड़की की सहमति नहीं ली जाती हैं ।इस पर जब पंच बैठता हैं तो लड़का लड़की को पत्नी के रूप में स्वीकार करता हैं ।
13. माथा भारी बिहा: जब अविवाहित लड़की गुप्त यौन सम्बन्ध से गर्ववती हो जाती है तो ऐसी स्थिति में अवैध सम्बन्ध युक्त लड़का का पता लगाकर पंचानिर्णयानुसार शादी रचा दी जाती हैं ।

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