वर्तमान समय में लोगों के अंदर चल रहे विभिन्न प्रकार की मनोदशा जो सामाजिक-राजनीतिक के विभिन्न मुद्दों पर उपज रहा है !
वर्तमान समय में लोगों के अंदर चल रहे विभिन्न प्रकार की मनोदशा जो सामाजिक-राजनीतिक के विभिन्न मुद्दों पर उपज रहा है ! कुछ लोग हैं जो अपने समाज की आन-बान के लिए प्रयासरत हैं तो कुछ लोग उसी सामाजिक विचारधारा के आड़ में लोगों को भ्रमित करके राजनीतिक में अग्रसर हो रहे हैं ।
मैं व्यक्ति विशेष का नाम न लेते हुए सावधान करना चाहता हूँ कि समाज सेवा अगर करना ही चाहते हैं तो कृपया लोगों के बहकावे से बचें एवं अपनी निज सुझ-बुझ और समाज के अनुभवी लोगों के परामर्श से ही आगे बढ़े !
सामाजिक और राजनीतिक दो अलग-अलग पहलू है इसे एक ही नजरिये से न देखें !
समाज की सेवा तो हम इन किसी एक पथ पर चलकर कर सकते हैं किन्तु नि:स्वार्थ भावनाओं को ध्यान में रखकर !
आज राजनीतिक के उच्च आसन पर विराजमान हुए कुछ हमारे ही अपने लोग अपनी नेगाचारी की बातें नहीं समझते, निज धर्म की मर्यादा को नहीं जानते/मानते, गरीबी और विवशता को वोट बैंक समझते हैं तो क्या हम इनसे हमारे आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद कर सकते हैं ???
अगर आपका लक्ष्य सिर्फ राजनीतिक ही है तो समाज की सेवा का ढोंग क्यों ?? क्यों हम आपको इतना अधिक सम्मान दें तजोब्बो दें जब हमारी भाषा-सभ्यता और संस्कृति की आपको कदर नहीं !
अगर आप एक सच्चे कुड़मी सपूत हैं तो आपका पहला कदम अपनी भाषा-सभ्यता और संस्कृति की रक्षा करना होना चाहिए, आपके अन्दर भी एक ज्वाला धधक उठेगा जब आप अपने समाज को लुटते-पिटते हुए देखेंगे !
दोगली राजनीतिक करने वाले कठपुतलों को समाज अच्छी तरह पहचान सकती है और वक्त आने पर मुह तोड़ जवाब भी अवश्य देगी !
भोलेपन की आड़ बनाकर राजनीतिक के लिए समाज के कंधों पर बंदूक रखकर गोली चलाना दोगलेपन की निशानी है इस प्रकार की हरकत एवं प्रयास तो कभी भी न करें हमारी गरीब-पिछड़ी समाज की बद्दुआ लेकर आप कभी भी अच्छे व्यक्तित्व के नेता नहीं बन सकते हैं !
राजनीतिक बूरी चीज़ नहीं है भाई पर लोगों को अपनी मनगढ़ंत कहानी बताकर भ्रमित करना अच्छी बात नहीं है *राज करने की नीति* एक मजबूत इरादों पर आधारित होना चाहिए न कि झूठे बादों पर !
हमारा इतिहास, रहन-सहन, नेगाचारि की सच्ची बातों को प्रमाणित करके लोगों को सामाजिक-न्यायिकता का पाठ पढ़ाना एक कुशल समाज सेवी की पहचान होती है ना कि *अर्थनीति* को ही मुख्य बिन्दु मानकर चलने वाले बड़बोले तथाकथित नेताओं को !
कुल मिलाकर हमारा तात्पर्य ये था कि अगर आप समाज को कुछ देना चाहते हैं तो इन बातों पर अवश्य अवलोकन करें एवं अगर आप भी अपने किसी चहेते नेता को अपना समाज का कार्यभार सौंपना चाहते हैं तो उनमें मौजूद खूबियाँ अवश्य परख लें !!
धन्यवाद, जहार
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