बिनअद बिहारि माहतअ

बिनअद बिहारि माहतअ

उ-बेरिआक जिला मानभुम, परगना झरिआ, बालिआपुरेक बड़ादाहा बसागतें बाबुक जनम 23.09.1921 सालें। एखरा मानगर हरि काड़उआरेक नाति रहला। एखर माञ बाप रहत, मनदाकिनि आर महिनदर माहतअ।

  एखर बाप अना गरिब चासा पहली बेजाञ कसटअ आर भजअकटअ मांखिकुन, लेधेड़-पस पसिकुन, दिन काटेइहेला। बिनअद बाबुक भुञपाठेक उचरेइन हेइक कुसमाटाँड़ इसकुले। उ बेरिआञ पड़हे- लिखते तेहे पथि, कागज-पेनसिल कर भारु टान, रहलेइक तेहें, जन टा जखन दरकार उटा जहाड़ करि छउआके देइ-हेलथिक।
बालिआपुर इसकुल लें मिडिल पास , आर धानबाइद हाइ इसकुल लें मेटरिक पास करला। उ खनें मटर गाड़ी आर साइकेलेक चलन बेसी नेखलेइक। बिनअद बाबु दिनाम सात कस चलिकुन इसकुल जाइ हेला, ताउ मने कनअ कातर नि रहलेइक । मेटरिक पास करल परें चुनाउ विभागें कामें खंजाला । मेनेक , इठिन मन नि भरलेइक । डि सि आफिसे किरानिक कामें खंजाला । इहॉउ मन नि लागलेइक । नकरि - चाकरि छाड़िकुन कलेजें भरति हेला । आइ ए बि ए आर बि एल पास करिकुन 1956 सालें धानबाइद कटें उकालाति सुरु करला । मेनतुक उकलातिञ धिआन रहलेइक कम, समाज आर राजनिति लेइकुन भाभना - चिनता रहलेइक बेसि।
    ताकर परें घार - कन्नाक टाने टानाला। भाइ- भतिजा , आपुस -कुटुम , छउआ- पुताक , पड़हा - लिखाक आपाभार उभला आपन कांधें। उकलातिञ भालअ जमाउरहत । बिनअद बाबुक रहलेइक पइसा कामाउएक हुनेइर आर लुइर। बिनअद बाबु, धनेक-धनिए निहि , मनेक धनिअ रहला। समाज के जागाउएक तेहें , निजेक हक के जानेक तेहें , लुटेइआक तिआ लें बांचेक तेहें , सभे जाइगाञ , सभे जुड़ुआहिञ कहेइतेला - "पड़हा आर लड़हा" । एखरा सरल बिचारेक मानुस हेकला । एखरा खाटि- खिआ मानुसेक संगि हेकला । खाटि-खिआ मानुसेक तेहें जिबन भर लड़ाइ करला ।
  एखर माञ -माटि आर भखि -चारिक पेरति आथाउ टान रहलेइक। राजनितिञ भारु घाखुर -माहुर रहला। एखर दुरुनेइ, झारखंडे नउतन राजनितिक चेतना बासात बहलेइक आर दिनेक - दिन झारखंड , बिहार लें छिनगालेक- भिनालेक । 1970 सालें सिउआजि समाज गठन करिकुन, राक्कस रुपि दहेज परथा , कम उमेइरें बिहा करा, एकटि लें दुइटि बहु राखा , सारा खन मद - हेड़िआञ डुबि रहा, हेन - तेन खराप चाइल - चलअनेक बिरअधें लड़ाइ-लड़ला।
 बिनअद बाबु 1980 सालें टुंडि , 1985 सालें सिंदरी , फेइर 1989 सालें टुंडि बिधान सभा लें एम एल ए आर 1991 सालें गिरिडिह लक सभा लें सांसद बाछाल रहत।
  दुखेक काथा , 18 दिसम्बर 1991 सालें , माटिक मानुस , माटिञ घुरि गेला। मेनतुक अखर दिसाउअल - खिजाउअल डहर एखनअ दग-दगाहेइक । समाज के बांचाउएक तेहें एखरे डहरें डहरेहेतेइक ।

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